Module 6   ऑप्शन स्ट्रैटेजीChapter 1

दिशा निर्धारण

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1.1 पॄष्ठभूमि

हम ऑप्शन स्ट्रैटजी पर इस मॉड्यूल को शुरू करें, इसके पहले मैं आपको एक लेख दिखाना चाहता हूं जिसे मैंने 2 साल पहले पढ़ा था। इस लेख का शीर्षक है “वाय विनिंग इज एडीक्टिव” (Why winning is addictive) । इसे बी वेंकटेश ने लिखा है, जो हिंदू बिजनेस लाइन के लिए लगातार कॉलम लिखते हैं। 

उस लेख का हिंदी अनुवाद आपके लिए यहाँ पेश कर रहा हूं

“आप लॉटरी का टिकट आमतौर पर क्यों नहीं खरीदते क्योंकि आपको पता होता है कि इस खेल में जीतने की संभावना बहुत ही कम है। लेकिन एक बार अगर आप लॉटरी मे जीत गए तो इस बात की काफी संभावना है कि आप बार-बार लॉटरी का टिकट खरीदेंगे।

हम अपने निवेश के साथ भी ऐसा ही करते हैं। लेकिन हम ऐसा क्यों करते हैं? मानव जाति का स्वभाव है कि वह आने वाले समय की उम्मीदों पर जीवन जीता है। इसीलिए दोबारा लॉटरी जीतने की उम्मीद हम में ज्यादा ऊर्जा भरती है और जब वह उम्मीद पूरी होती है तो हमें और भी अच्छा लगता है।

न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में की गई रिसर्च हमें बताती है कि जीतने से ज्यादा मजा, हमें जीतने की उम्मीद में आता है। जब एक बार आप लॉटरी जीत लेते हैं तो वह अनुभव आपको उत्तेजित करता है और इस बात के लिए प्रेरित करता है कि आप लॉटरी के और टिकट खरीदें, भले ही आप इस बात से पूरी तरह से अवगत हैं कि दोबारा लॉटरी जीतने की संभावना काफी कम है।

ऐसा इसलिए होता है कि हम अपने दिमाग के रिफ्लेक्सिव (Reflexive) हिस्से का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं और रिफ्लेक्टिव (Reflective) हिस्से का इस्तेमाल कम करते हैं। हमारे दिमाग का रिफ्लेक्टिव हिस्सा गणना करता है और चीजों का विश्लेषण करता है और सोचता है। जबकि दिमाग का रिफ्लेक्सिव हिस्सा हमें महसूस कराता है और सहज ज्ञान से ज्यादा काम करता है। जब आपको दोबारा लॉटरी टिकट खरीदने की इच्छा होती है तो आपकी दिमाग का रिफ्लेक्सिव हिस्सा आपको ऐसा करने को कह रहा होता है। आपके दिमाग का रिफ्लेक्टिव हिस्सा आपको यह बता सकता है कि दोबारा लॉटरी जीतने की संभावना काफी कम है।

अब इक्विटी ऑप्शन ट्रेडिंग पर नजर डालते हैं। आपको पता है कि कॉल और पुट को खरीदने में रिस्क है, आपका ऑप्शन वर्थलेस होकर एक्सपायर हो सकता है। लेकिन फिर भी, अगर आपने एक बार इस तरह के ऑप्शन से बड़ी कमाई की है तो आप उनको लगातार खरीदने का फैसला कर सकते हैं। इस तरह का निवेश हमारे दिमाग के रिफ्लेक्सिव हिस्से की उपज है। ऑप्शन की ट्रेडिंग में एक और महत्वपूर्ण चीज है, जो अपनी भूमिका अदा करती है। हमें पता है कि अगर ऑप्शन में अंडरलाइंग स्टॉक या इंडेक्स पर हमारी जो राय है वह गलत साबित हो जाए तो हम अपनी पूरी पूंजी गंवा सकते हैं।

यह जानकारी ही कि हम अपनी पूंजी गंवा सकते हैं और जीत की संभावना कम होने पर भी आप जीतने की उम्मीद ही हमारे जीतने की उत्तेजना को और बढ़ाती है लॉटरी खरीदने में और निवेश में यही अंतर है कि लॉटरी भाग्य का खेल है जबकि हमें लगता है कि निवेश के लिए हमें जानकारी और कुशलता की जरूरत पड़ती है।“

  • लेख की समाप्ति

मैंने इस मॉड्यूल की शुरुआत में ही इस लेख को क्यों डाला इसकी एक वजह है। मेरे अपने विचार भी इस लेख से मिलते-जुलते हैं। और यह लेख उन विचारों को वित्तीय व्यवहार के संदर्भ में पेश करता है। मैंने जितने भी ऑप्शन ट्रेडर से बात की है चाहे वो अनुभवी हों या एकदम नए सारे ट्रेडर एक बात मानते हैं कि ऑप्शन का ट्रेड एक “हिट या मिस” ट्रेड होता है। उनका मानना है कि ऑप्शन का ट्रेड शुरू करना एक तरह के मनोरंजन या आनंद की अनुभूति देता है। ज्यादातर ट्रेडर यह नहीं समझते कि आनंद की ये अनुभूति कितनी खतरनाक हो सकती है।

कई ट्रेडर लगातार महीनों तक इस उम्मीद पर ऑप्शन खरीदते रहते हैं कि उनका निवेश दोगुना हो जाएगा। इस तरह के विचार के साथ ऑप्शन की ट्रेडिंग करने से आपका P&L बड़े खतरे में पड़ सकता है। सच बात तो यह है कि अगर आपको ऑप्शन में ट्रेड करना है तो आपको इसे सही तरीके से करना चाहिए और एक सही नीति अपनानी चाहिए। नहीं तो जुआ खेलने की आदत की तरह कभी भी आप अपनी पूरी पूंजी को डुबा सकते हैं। आपका ऑप्शन ट्रेडिंग का करियर बहुत छोटा साबित हो सकता है।

ऑप्शन ट्रेड के बारे में जो यह कहावत है कि “लिमिटेड रिस्क और अनलिमिटेड प्रॉफिट पोटेंशियल (Limited risk & unlimited profit potential)” यानी रिस्क सिर्फ एक सीमा तक और मुनाफे की संभावना असीमित (यानी बिना किसी सीमा के), यह कहावत चुपचाप आपके पूरे P&L को खत्म कर सकती है। ऑप्शन के नए ट्रेडर कई बार धीरे-धीरे करके अपनी पूरी पूंजी डूबा देते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ऑप्शन की ट्रेडिंग को बिना किसी स्ट्रैटजी या रणनीति के करना एक खतरनाक दिल बहलाने का खेल साबित हो सकता है।

ध्यान रखें कि मैं यहां पर आपको डराने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। मैं केवल सही माहौल बना रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि ऑप्शन थ्योरी के पिछले मॉड्यूल में आपको समझ में आ गया होगा कि बाजार की दूसरी चीजों के मुकाबले ऑप्शन थ्योरी काफी ज्यादा वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित है। इसीलिए इसको समझना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन मेरी इस बात पर भरोसा कीजिए कि ऑप्शन ट्रेडिंग को समझने और इसमें बेहतर करने के लिए एक ही तरीका है कि आप अपने ऑप्शन ट्रेडिंग की रणनीति को सही तरीके से बनाएं जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिस यानी सिद्धांत और व्यवहार का सही मिश्रण हो।

इस मॉड्यूल में मैं आपको कुछ लोकप्रिय ऑप्शन स्ट्रैटजी के बारे में बताऊंगा और हमेशा की तरह यह कोशिश करूंगा कि आपको उपयोगी जानकारी दी जाए। और ज्यादा थ्योरी यानी सिद्धांत से आपको बोर ना किया जाए।

जहां तक मुझे पता है कि करीब 475 तरीके की ऑप्शन स्ट्रैटजी हैं जो लोगों को पता हैं। इसके अलावा करीब 100 स्ट्रैटजी ऐसी होंगी जो कुछ जानकारों (जैसे ब्रोकर, बैंकर या ट्रेडर) ने अपने लिए विकसित की हैं और सिर्फ उन्हें पता हैं। तो क्या आपको यह सारी स्ट्रैटजी पता होनी चाहिए?

एक शब्द में इस सवाल का जवाब है नहीं। 

1.2 – आपको क्या जानना चाहिए?

आपके लिए ऑप्शन की कुछ ही स्ट्रैटजी को जानना जरूरी है। लेकिन आपको उन्हें बहुत अच्छे से जानना चाहिए। एक बार आपने इन स्ट्रैटजी को सीख लिया तो आपको सिर्फ यह देखना है कि बाजार की मौजूदा हालत में कौन सी स्ट्रैटजी सही साबित होगी।

इस बात को ध्यान में रखते हुए अब हम कुछ स्ट्रैटजी के बारे में चर्चा करते हैं – 

                                                                                                                                             

Bullish Strategies  (बुलिश स्ट्रैटेजी)                            Bearish Spreads (बेयरिश स्प्रेड्स)                               Neutral Strategies (न्यूट्रल स्ट्रैटेजीज)

 

  1. Bull Call Spread (बुल कॉल स्प्रेड)                             1. Bear Call Spread (बेयर कॉल स्प्रेड)                           1. Long & Short Straddle (लॉन्ग एंड शॉर्ट स्ट्रैडल)
  2. Bull Put Spread (बुल पुस्प्रेड)                                2. Bear Put Spread (बेयर पुट स्प्रेड)                              2. Long & Short Strangles (लॉन्ग एंड शॉर्ट स्ट्रैंग्ल्स)
  3. Call Ratio Back Spread (कॉल रेश्यो बैक स्प्रेड)              3. Bear Put Ladder (बेयर पुट लैडर)                              3. Long & short Iron Condor (लॉन्ग एंड शॉर्ट आयरन कॉनडर)
  4. Bear Call Ladder (बेयर कॉल लैडर)                           4. Put Ratio Back Spread (पुट रेश्यो बैक स्प्रेड)                4. Long & short Butterfly (लॉन्ग एंड शॉर्ट बटरफ्लाई)   
  5. Call Butterfly  (कॉल बटरफ्लाई)                                 5. Strip (स्ट्रिप)                                                        5. Box (बॉक्स)
  6. Synthetic Call (सिंथेटिक कॉल)
  7. Straps (स्ट्रैप्स)

ऊपर बताई गई स्ट्रैटजी के अलावा जिन और चीजों पर मैं चर्चा करूंगा, वह हैं – 

  1. मैक्स पेन फॉर ऑप्शन राइटिंग – Max Pain for option writing (कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और प्रायोगिक उपयोग)
  2. डायनामिक डेल्टा हेजिंग पर आधारित वोलैटिलिटी आर्बिट्राज – Volatility Arbitrage employing Dynamic Delta hedging

मेरा इरादा यह है कि हर अध्याय में एक स्ट्रैटजी पर चर्चा की जाए जिससे आपको उस स्ट्रैटजी के बारे में सब कुछ समझ में आ जाए और किसी भी तरीके का संशय ना बचे। इसका मतलब है कि इस मॉड्यूल में करीब 16-20 अध्याय बनेंगे वैसे अध्याय छोटे ही रहेंगे। मैं हर स्ट्रैटजी की पृष्ठभूमि, उसके इस्तेमाल, पेऑफ, ब्रेक इवन और उसके इस्तेमाल के लिए एक्सपायरी के समय पर आधारित सही स्ट्राइक क्या हो इन सब पर चर्चा करूंगा। इसके अलावा मैं एक ऐसा एक्सेल डॉक्यूमेंट भी आपके साथ शेयर करूंगा जो तब आपके काम आएगा जब आप इस स्ट्रैटजी का इस्तेमाल करना चाहेंगे।

यहां पर यह ध्यान रखिए कि मैं ये सारी स्ट्रैटजी निफ़्टी इंडेक्स के बारे में बना रहा हूं लेकिन आप चाहे तो इनका इस्तेमाल किसी भी शेयर के लिए कर सकते हैं।

आगे बढ़ने के पहले एक महत्वपूर्ण बातयाद रखिए कि इनमें से कोई भी स्ट्रैटजी पैसा बनाने का 100% निश्चित और सही फार्मूला नहीं है। आप जानते ही हैं कि बाजार में कुछ भी 100% निश्चित नहीं होता। हमारा मकसद ये है कि हम यहां पर कुछ महत्वपूर्ण और सीधी स्ट्रेटजी पर चर्चा करें और अगर आप इनका सही इस्तेमाल करें तो आप पैसे बना सकें।

जैसे कि मान लीजिए कि आपके पास एक अच्छी कार है, आप अगर उसको अच्छे से चलाएंगे तो आप इसका इस्तेमाल अपने और अपने परिवार के आरामदायक सफर के लिए कर सकते हैं। लेकिन अगर आप इसको ठीक से ना चलाएं तो यह कार आपके लिए खतरनाक हो सकती है और आपके आसपास लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

ठीक इसी तरीके से अगर आप इसका सही इस्तेमाल करें तो ये स्ट्रैटजी आपको पैसे कमा कर दे सकती है नहीं तो यह आपके पैसे को डुबा भी सकती है। मेरा काम यहां ये है कि मैं आपको स्ट्रैटजी के बारे में समझाउं (जैसे आपको कार चलाना सिखा रहा हूं)। मैं आपको वह स्थितियां भी बताऊंगा जिनमें इनका सबसे अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इस स्ट्रैटजी का आपके लिए काम करना आपके हाथ में है। यह इस पर निर्भर करेगा कि आप कितने अनुशासित तरीके से काम करते हैं और बाजार की आपको कितनी अच्छी समझ है। लेकिन मेरा मानना है कि समय के साथ और जैसे-जैसे आप स्ट्रैटजी का इस्तेमाल ज्यादा करेंगे और बाजार को अच्छे से समझेंगे, आप इनके इस्तेमाल में बेहतर होते जाएंगे। 

तो अगले अध्याय से हम बुलिश स्ट्रैटजी पर काम शुरू करेंगे और सबसे पहले बुल कॉल स्प्रेड पर।

28 comments

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  1. Amar Nath Kumar says:

    Plz. Provide all modules in hindi . As yet only 6 modules are in hindi.

    • Kulsum Khan says:

      हम उन पर काम कर रहे हैं, बाकि के मॉडल्स भी जल्द ही उपलब्ध होंगे।

  2. Navneet kumar says:

    Sirr hindi modules ki pdf file kaise download hoggi??

    • Kulsum Khan says:

      हिंदी मॉडल्स फिलहाल PDF में उपलब्ध नहीं हैं, हम आपके सुझाव पर गौर करेंगे, धन्यवाद।

  3. VINOD RAWAT says:

    इसके अलावा मैं एक ऐसा एक्सेल डॉक्यूमेंट भी आपसे साथ आपके साथ शेयर करूंगा जो तब आपके काम आएगा जब आप इस स्ट्रैटजी का इस्तेमाल करना चाहेंगे।
    आपकी दिमाग का रिफ्लेक्सिव हिस्सा आपको ऐसा करने को कह रहा होता है।
    सर ऊपर वाले दोनों वाक्यों पर नज़र डालें और त्रुटि सुधार ने की कृपा करें।

    • Kulsum Khan says:

      सूचित करने के लिए धन्यवाद। हमने इसको सही करदिया है।

  4. Gulshan kumar Zerodha user says:

    Sir,
    ismeto kewal 13 module hi hai,
    Aap to kahe the ki मॉड्यूल में करीब 16-20 अध्याय बनेंगे. Or sare module kab uplode hoga.
    Please uploade All module

    • Kulsum Khan says:

      हम बाकि अधयायों पर काम कर रहे, वे जल्द ही उपलब्ध कराये जाएंगे।

  5. raju sable says:

    sir apka ye jo samjhane ka tarika hai wah kash bahut pahle mil gaya hota to jyada behatar hota ,but koi bat nahi abb samjh aa raha hai ki kya hai share market thank sir . bas ek bat yah puchna hai ki option selling /writing me stoploss kaise aur iske liye primium jo milta hai kya uske liye expiry date par hi milegi ya jab possition se exit huye ussi din ? ho sake to eply jarur kare sir kyonki ye bat mai zerodha wale se hi puch sakta hu ,

    • Kulsum Khan says:

      जब आप पोजीशन एग्जिट करेंगे तब हे मिलजाएगी ।

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