7.1- पेपर अम्ब्रेला (Paper Umbrella)

पेपर अंब्रेला एक ऐसा सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न है जो ट्रेडर को अपने ट्रेड की दिशा तय करने में मदद करता है। पेपर अम्ब्रेला का असर समझने के लिए ये देखना जरूरी होता है कि वो चार्ट में कहाँ पर बन रहा है।

एक पेपर अम्ब्रेला में 2 तरीके के ट्रेन्ड रिवर्सल पैटर्न (Trend Reversal Pattern) होते हैं हैंगिंग मैन (Hanging Man) और हैमर (Hammer)। हैंगिंग मैन पैटर्न मंदी का यानी बेयरिश होता है जबकि हैमर पैटर्न बुलिश यानी तेजी का होता है। पेपर अंब्रेला में एक लंबा शैडो होता है और छोटी अपर बॉडी होती है। 

अगर पेपर अम्ब्रेला एक मंदी की रैली के चार्ट के निचले सिरे पर होता है तो उसे हैमर कहते हैं। 

अगर पेपर अंब्रेला तेजी की रैली के चार्ट के उपरी सिरे की तरफ होता है तो उसे हैंगिंग मैन कहते हैं। 

पेपर अम्ब्रेला की खासियत यह होती है कि उसका लोअर शैडो कम से कम रियल बॉडी का 2 गुना होना चाहिए। इसे शैडो टू रियल बॉडी रेश्यो (Shadow to Real Body Ratio) कहते हैं। 

एक उदाहरण पर नजर डालते हैं। ओपन = 100, हाई = 103, लो = 94, क्लोज = 102 (बुलिश कैंडल)

यहाँ पर रियल बॉडी की लंबाई होगी: क्लोज ओपन यानी 102-100 =2 और लोअर शैडो की लंबाई ओपन लो यानी 10094=6 होगी। ये साफ है कि यहाँ लोअर शैडो की लंबाई रियल बॉडी के दोगुने से ज्यादा है, इसलिए हम मान सकते हैं कि यहाँ पेपर अम्ब्रेला बन चुका है।

7.2 – हैमर का बनना (The Hammer Formation)

बुलिश हैमर एक बहुत ही महत्वपूर्ण कैंडल स्टिक पैटर्न है जो कि किसी ट्रेन्ड के नीचे की तरफ बनता है। हैमर में उस दिन के ट्रेडिंग रेंज के ऊपरी ओर एक छोटी रियल बॉडी होती है और एक लंबा लोअर शैडो होता है। जितना लंबा लोअर शैडो होगा उतना ही बुलिश पैटर्न बनेगा।

नीचे के चार्ट में दो हैमर दिखाए गये हैं जो मंदी वाले दिन नीचे की तरफ बने हैं। 

ध्यान दीजिए कि नीले हैमर में बहुत ही छोटा अपर शैडो है, जो कि मान्य है क्योंकि कैंडलस्टिक का दूसरा नियम हमें “कुछ लचीलापन रखने और जाँचने “ को कहता है।

हैमर किसी भी रंग का हो सकता है। इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि उसका रंग क्या है ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये होती है कि “शैडो टू रियल बॉडी रेश्यो” के पैमाने को पूरा करता है या नहीं वैसे नीले रंग का हैमर एक ट्रेडर को कुछ ज्यादा ही भरोसा दिलाता है।

एक हैमर के लिए उसके पहले का ट्रेंड नीचे की तरफ होना चाहिए। यहां पहले का ट्रेंड नीचे एक मुड़ती हुई लाइन से दिखाया गया है। हैमर के पीछे की सोच ऐसी होती है:

  1. बाजार नीचे की तरफ चल रहा है और बाजार पर बेयर्स का कब्जा है।
  2. इस नीचे की चाल में बाजार हर दिन पिछले दिन की क्लोज कीमत के मुकाबले और नीचे खुलता है और उसके बाद एक नया लो बना कर बंद होता है।
  3. जिस दिन हैमर बनता है उस दिन भी बाजार नीचे ही ट्रेड करता है और एक नया लो बनाता है।
  4.  हालांकि लो पर कुछ खरीदारी आती हैं जिसकी वजह से कीमतें थोड़ी सी बढ़ जाती हैं और शेयर उस दिन के हाई पर बंद होते हैं।
  5. हैमर के बनने वाले दिन की कीमत का उतार चढ़ाव बताता है कि बुल्स कीमत को और नीचे ना गिरने देने की कोशिश में लगे हैं और उन्हें कुछ सफलता भी मिली है।
  6.  बुल्स की यह कोशिश बाजार का मूड सुधारने में मदद करती है और इसे खरीद के एक मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।

हैमर के मुताबिक सौदे कुछ इस तरह से होने चाहिए:

  1. हैमर का बनना खरीद शुरू करने का संकेत देता है।
  2.  ट्रेडर बाजार में एंट्री कब ले ये इस पर निर्भर करता है कि वह कितना रिस्क उठा सकता है। अगर ट्रेडर ज्यादा रिस्क लेने को तैयार है तो वो उसी दिन स्टॉक खरीद सकता है। याद रखिए कि  हैमर में रियल बॉडी के रंग का कोई महत्व नहीं है, इसलिए पहले नियम का कोई उल्लंघन नहीं हो रहा है। अगर ट्रेडर थोड़ा कम रिस्क लेना चाहता है या रिस्क से बचना चाहता है तो वो पैटर्न बनने के अगले दिन यह देखेगा कि कैंडल का रंग नीला है।
  1. रिस्क लेने को तैयार ट्रेडर उसी दिन हैमर बनने के बाद 3:20 पर यह देखेगा कि ओपन और क्लोज बराबर हों जिससे निश्चित हो जाए कि हैमर बन चुका है।
    1. ओपन और क्लोज करीब करीब बराबर हों (उनमें एक दो परसेंट का ही अंतर हो)
    2. लोअर शैडो की लंबाई रियल बॉडी की लंबाई के मुकाबले कम से कम दोगुनी होनी चाहिए। 
    3. अगर यह दोनों शर्तें पूरी होती है तो यह एक हैमर है और रिस्क लेने को तैयार ट्रेडर सौदा शुरू कर सकता है।
  2. रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अगले दिन OHLC के आँकड़ों पर नज़र डालेगा और अगर कैंडल नीले रंग का हुआ तो वो अपना सौदा बना सकता है।
  3. हैमर का लो ही ट्रेडर के लिए स्टॉप लॉस का काम करता है।

नीचे का चार्ट एक ऐसा हैमर दिखा रहा है जिसमें रिस्क लेने वाला और रिस्क से बचने वाला दोनों ही तरीके के ट्रेडर को सौदे में फायदा होगा। ये Cipla Ltd का 15 मिनट का इंट्राडे चार्ट है।

इसमें सौदे ऐसे बनेंगे:

रिस्क लेने के लिए तैयार ट्रेडर के लिए खरीदने की सही कीमत वो हैमर कैंडल पर ही खरीदेगा यानी 444 रुपये पर।

रिस्क से बचने वाले ट्रेडर के लिए खरीदने की सही कीमत –   वह अगले कैंडल पर सौदा करेगा, यह देखने के बाद कि अगला कैंडल नीले रंग का है।

दोनों तरीके के ट्रेडर के लिए स्टॉप लॉस होगा ₹441.50, यानी हैमर का लो। 

आप देख सकते हैं कि सौदे कैसे पूरे हुए और कैसे इंट्राडे में उनसे फायदा हुआ।

अब एक और चार्ट पर नजर डालते हैं, यहाँ रिस्क से बचने वाला ट्रेडर “मजबूती में खरीदो और कमजोरी में बेचोके नियम का फायदा पाता है 

और अब दो हैमर वाला एक रोचक चार्ट।

यहां दोनों हैमर में उन शर्तों का पालन किया गया है जो हैमर बनने के लिए जरूरी हैं।

  1. इसके पहले का ट्रेंड नीचे की तरफ का होना चाहिए।
  2.  शैडो टू रियल बॉडी रेश्यो

पहले हैमर में, रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपने को घाटे से बचा लेगा क्योंकि वो कैंडलस्टिक के नियम नंबर 1 का पालन कर रहा है। लेकिन दूसरे हैमर के समय रिस्क लेने वाला और रिस्क से बचने वाला, दोनों ही ट्रेडर लालच में आ सकते हैं और अपना ट्रेड कर सकते हैं। यहाँ उनका ट्रेड शुरू होने के बाद स्टॉक ऊपर नहीं गया, फ्लैट बना रहा और बाद में टूट गया यानी नीचे गिर गया।

हम जानते हैं कि आप एक ट्रेड में तब तक बने रहते हैं जब तक कि स्टॉपलॉस या आप का टारगेट पूरा नहीं होता। ऐसे में, आप अपने सौदे में कोई बदलाव नहीं करते, इसीलिए इस सौदे (पहले हैमर में) में घाटा होना ही है। लेकिन याद रखिए यह एक जान बूझ कर लिया गया रिस्क है। 

अब एक और चार्ट पर नजर डालिए जहाँ एक हैमर बनता दिख रहा है लेकिन ये हैमर के पहले मंदी के ट्रेंड वाली शर्त को पूरा नहीं करता। इसलिए इसे हैमर पैटर्न नहीं परिभाषित किया जा सकता।

7.3 – हैंगिंग मैन (The Hanging Man)

अगर किसी ट्रेंड में एकदम ऊपर की तरफ पेपर अंब्रेला बने तो उसको हैंगिंग मैन कहते हैं। बेयरिश हैंगिंग मैन (Bearish Hanging Man) एक सिंगल कैंडल स्टिक पैटर्न है। यह बताता है कि अब बाजार की दिशा बदलने वाली है यानी ये ट्रेन्ड रिवर्सल दिखाता है। हैंगिंग मैन बताता है कि बाजार अपनी ऊंचाई पर पहुंच गया है। हैंगिंग मैन को हैंगिंग मैन तभी कहा जाता है जब उसके पहले बाजार में तेजी चल रही हो। बाजार में ऊंचाई के बाद हैंगिंग मैन बनता है इसीलिए बेयरिश हैंगिंग मैन का मतलब है कि बिकवाली का दबाव आ रहा है

हैंगिंग मैन का कैंडल किसी भी रंग का हो सकता है और अगर वो शैडो टू रियल बॉडी रेश्यो की अपनी शर्त पूरी कर रह हो तो रंग से कोई अंतर भी नहीं पड़ता। हैंगिंग मैन के बनने के पहले का ट्रेंड एक तेजी यानी ऊपर जाने का ट्रेंड होना चाहिए जैसा की ऊपर मुड़ती हुई लाइन से दिखाया गया है। आइए इसके बनने के पीछे की सोच को समझते हैं। 

  1. बाजार तेजी में है यानी बाजार बुल्स के कब्जे में है।
  2. बाजार नए हाई और हायर (higher) लो यानी ऊँचे लो बना रहा है।
  3. जिस दिन हैंगिंग मैन पैटर्न बना है उस दिन बाजार में बेयर्स ने एंट्री ले ली है। 
  4.  हैंगिंग मैन के साथ बनने वाला एक लंबा लोअर शैडो यही बताता है कि बेयर्स आ चुके हैं।
  5. बाजार में बेयर्स का घुसना ये बताता है कि वो बुल्स से कंट्रोल छीनने को तैयार हैं।

हैंगिंग मैन पैटर्न बताता है कि अब बाजार में शॉर्ट करने यानि बेचने का समय आ गया है। अब देखते हैं कि सौदा कैसे बनाना है। 

  1. रिस्क लेने वाला ट्रेडर उसी दिन क्लोजिंग कीमत के करीब अपना शॉर्ट ट्रेड शुरू कर सकता है।
  2. रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अगले दिन अपना सौदा या ट्रेड शुरू कर सकता है जब वह यह देख ले कि कैंडल लाल रंग का है।
    • रिस्क लेने वाले और इससे बचने वाले ट्रेडर दोनों के लिए, कैंडल को सही तरीके से पहचानने का तरीका एकदम वैसा ही है जैसा कि हैमर पैटर्न में होता है।

एक बार शॉर्ट ट्रेड लेने पर कैंडल का हाई ही स्टॉपलॉस होगा।

ऊपर के चार्ट में BPCL  Ltd ने 593 पर एक हैंगिंग मैन बनाया है। OHLC इस प्रकार है

ओपन =592, हाई= 593.7, लो =587, क्लोज =593 इसके आधार पर जो ट्रेड या सौदा बनता है :

  • रिस्क लेने वाला, अपना शॉर्ट ट्रेड उसी दिन पैटर्न बनने के बाद 593 पर करेगा।
  • रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपना शॉर्ट ट्रेड अगले दिन क्लोजिंग कीमत पर शुरू करेगा जब उसे यह दिख जाए कि कैंडल लाल रंग का है।
  • रिस्क से बचने वाला और इसको लेने वाला दोनों तरह के ट्रेडर अपना ट्रेड करेंगे।
  •  इन सौदों के लिए स्टॉपलॉस दिन के हाई यानी 593.75 पर होगा।

दोनों तरह के ट्रेडर के लिए सौदा फायदे का होगा।

7.4 – पेपर अम्ब्रेला के साथ मेरा अनुभव

वैसे तो हैमर और हैंगिंग, दोनों ही कैंडलस्टिक पैटर्न हैं, लेकिन मैं हैमर पर ज्यादा भरोसा करता हूं, हैंगिंग मैन की तुलना में। अगर बाकी सारी चीजें एक समान हो और दो ट्रेड के मौके मिल रहे हों, एक हैमर पर आधारित और एक हैंगिंग मैन पर आधारित, तो मैं अपना पैसा हैमर वाले ट्रेड पर लगाउंगा। यह सिर्फ मेरे अनुभव के आधार पर किया गया फैसला है। हैंगिंग मैन में मेरा विश्वास सिर्फ इसलिए कम होता है क्योंकि मुझे यह नहीं समझ में आता कि अगर बेयर्स इतने ज्यादा ताकतवर हो चुके हैं तो बाजार में लो बनने के बाद कीमतें ऊपर क्यों गई? मेरे हिसाब से ऐसा होना ये बताता है कि बाजार में अभी भी बुल्स ताकतवर हैं। 

मेरी आपसे गुजारिश होगी कि आप बाजार को खुद देखें और अपना खुद का नजरिया बनाएं। इससे बाजार को लेकर आप अपनी नई नीतियां बना पाएंगे और बाजार को अच्छे से समझ सकेंगे।

7.5 – शूटिंग स्टार (The Shooting Star)

सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न में शूटिंग स्टार आखिरी पैटर्न है जिसको हम समझेंगे। इसके बाद हम मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न समझने की कोशिश करेंगे। शूटिंग स्टार में कीमत का एक्शन यानी प्राइस एक्शन काफी ताकतवर या महत्वपूर्ण होता है। इसीलिए शूटिंग स्टार पैटर्न काफी ज्यादा प्रचलित पैटर्न है।

देखने में शूटिंग स्टार उल्टे पेपर अंब्रेला की तरह दिखता है।

 

शूटिंग स्टार एक मामले में पेपर अम्ब्रेला से अलग होता है, वो ये कि इसमें एक लंबा लोअर शैडो नहीं होता है बल्कि शूटिंग स्टार में एक लंबा अपर शैडो होता है। यहां पर भी शैडो की लंबाई रियल बॉडी से कम से कम दोगुनी होती है। यहां भी कैंडल के रंग से कोई अंतर नहीं पड़ता है, लेकिन अगर कैंडल लाल रंग का है तो यह ज्यादा भरोसेमंद जरूर माना जाता है। इसमें अपर विक (Upper Wick) जितना बड़ा होगा इसे उतना ही ज्यादा बेयरिश पैटर्न माना जाएगा। शूटिंग स्टार और पेपर अम्ब्रेला दोनों में रियल बॉडी काफी छोटी होती है। किताब की परिभाषा के अनुसार, शूटिंग स्टार में लोअर शैडो नहीं होना चाहिए लेकिन जैसा ऊपर के चार्ट में दिख रहा है वैसा एक छोटा लोअर शैडो कभी-कभी मान्य होता है। शूटिंग स्टार बेयरिश पैटर्न है इसलिए इसके पहले का ट्रेन्ड बुलिश यानी तेजी का होना चाहिए।

शूटिंग स्टार के पीछे की सोच :

  • स्टॉक तेजी में हैं, इसका मतलब है कि बाजार पूरी तरीके से बुल्स के कब्जे में हैं। जब बुल्स मज़बूत होते हैं तो फिर स्टॉक या बाजार एक नया हाई यानी नई ऊंचाई और हायर लो बनाता रहता है।
  • जिस दिन शूटिंग स्टार पैटर्न बनता है उस दिन बाजार एक नया हाई बनाता है ।
  • दिन के उच्चतम स्तर या हाई पर बाजार में बिकवाली या बेचने का दबाव बढ़ता है जिसकी वजह से स्टॉक की कीमत उस दिन के लो पर जाकर बंद होती है और शूटिंग स्टार बनता है।
  • बाजार में आई बिकवाली बताती है कि बेयर्स ने बाजार में प्रवेश कर लिया है और अब वह कीमत को नीचे ले जाने में कुछ हद तक सफल भी हो गए हैं, एक लंबा अपर शैडो भी यही बताता है। 
  • यह उम्मीद की जाती है कि बेयर्स बाजार में बिकवाली करते रहेंगे और अगले कुछ दिनों तक बिकवाली का ये दौर जारी रहेगा। इसलिए ट्रेडर्स को शॉर्ट करने के मौके ढूंढने चाहिए।

इस चार्ट पर नजर डालिए जिसमें तेजी के चार्ट में ऊपर की तरफ शूटिंग स्टार बना है। 

इस शूटिंग स्टार में OHLC है

ओपन = 1426, हाई = 1453, लो = 1410, क्लोज =1417

इसके आधार पर ये सौदा बनेगा।

  1. रिस्क लेने वाला अपना सौदा 1417 पर शुरू करेगा यानी उसी दिन जिस दिन शूटिंग स्टार बनेगा।
    1. रिस्क लेने वाला ट्रेडर जब अपना ट्रेड शुरू करेगा तो वह यह देखेगा कि शूटिंग स्टार वास्तव में बन गया है। वो उसको जांचेगा भी।
      1. सीएमपी (CMP) या करंट मार्केट प्राइस या बाजार की मौजूदा कीमत करीब करीब लो प्राइस के बराबर है।
      2. अपर शैडो की लंबाई कम से कम रियल बॉडी से दुगनी है।
    2. रिस्क ना लेने वाला ट्रेडर अगले दिन सौदा करेगा जब वह यह देख लेगा कि अगले दिन लाल रंग का कैंडल बना है।
  2. एक बार जब सौदा शुरू होने पर स्टॉपलॉस दिन के हाई पर बनेगा। जैसे इस ट्रेड में 1453 पर होगा।

जैसा कि हम पहले बात कर चुके हैं एक बार सौदा शुरू होने पर हमें तब तक इंतजार करना होता है जब तक स्टॉपलॉस या टारगेट दोनों में से कोई एक चीज ना आ जाए। हां आप अपने स्टॉपलॉस को ट्रेल कर सकते हैं, वैसे हमने ट्रेलिंग के बारे में अभी तक बात नहीं की है और हम आगे चलकर इस पर चर्चा करेंगे।

नीचे के चार्ट में रिस्क लेने वाले और रिस्क से बचने वाले दोनों ने शूटिंग स्टार के आधार पर किए गए सौदे में अच्छा खासा मुनाफा कमाया।

यह एक उदाहरण है जहां पर रिस्क लेने वाला और इससे बचने वाला दोनों ही तरीके के ट्रेडर्स ने शूटिंग स्टार के आधार पर अपना सौदा किया है लेकिन इस मामले में स्टॉपलॉस टूट गया है आपको याद ही होगा कि जब स्टॉपलॉस आ जाए तो ट्रेडर को उस सौदे में से निकल जाना होता है क्योंकि वह सौदा अब काम का नहीं रह जाता। आमतौर पर इस तरीके के सौदे में से निकल जाना है सबसे बेहतर होता है।


इस अध्याय की खास बातें 

  1. एक पेपर अम्ब्रेला में लंबा लोअर शैडो और छोटी रियल बॉडी होती है। लोअर शैडो और रियल बॉडी में एक शैडो टू रियल बॉडी रेश्यो होना चाहिए। पेपर अम्ब्रेला में लोअर शैडो को रियल बॉडी का कम से कम 2 गुना होना चाहिए।
  2. क्योंकि ओपन और क्लोज एक दूसरे के काफी करीब होते हैं इसलिए पेपर अम्ब्रेला में कैंडल के कलर का कोई अंतर नहीं पड़ता।
  3. अगर पेपर अमरेला किसी मंदी के चार्ट में नीचे की तरफ बनता है तो उसको हैमर कहते हैं। 
  4. अगर पेपर अम्ब्रेला किसी तेजी के चार्ट में ऊपर की तरफ बनता है तो उसको हैंगिंग मैन कहते हैं।
  5.  हैमर एक बुलिश पैटर्न है और इसके बनने के बाद आपको खरीदने के मौके तलाशने चाहिए। 
    1. हैमर का लो आपके लिए स्टॉपलॉस होता है।
  6. हैंगिंग मैन बेयरिश या मंदी का पैटर्न है जो कि चार्ट में ऊपर की तरफ होता है और ऐसे में आपको बेचने के मौके तलाशने चाहिए।   
    1. हैंगिंग मैन का हाई आप का स्टॉपलॉस होगा। 
  7. शूटिंग स्टार एक बेयरिश पैटर्न है जो कि चार्ट में ऊपर की तरफ होता है और आपको शूटिंग स्टार के समय शॉर्ट करने के मौके ढूंढने चाहिए।
    1. शूटिंग स्टार का हाई आपके लिए स्टॉपलॉस होगा



66 comments

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  1. हिमांशु कुमार says:

    सर, डाऊनट्रेंड में जब शूटिंग स्टार अथवा इनवर्टेड हैमर बने, तब हमें क्या करना चाहिये? क्या यह वैलिड कैन्डिल स्टिक पैटर्न है?

    • Mohit Mehra says:

      Hello हिमांशु ,

      शूटिंग स्टार पैटर्न से बेयरिश प्रभाव का संकेत मिलता है | अगर डाउनट्रेंड में भी यह दिखे तो स्टॉपलॉस लगाकर मंदी खेलना चाहिए |

  2. Dipak pundir says:

    Sir intra day me bhi ye strategy kaam krti h

  3. Aaditya says:

    agar mai shooting star ko dekhkar trade leta hu toh mera stoploss toh kaafi durr hojaega isse bachne k liye kya krr skte hai?

    • Mohit Mehra says:

      Hi आदित्य, शूटिंग स्टार को देखकर ट्रेड लेने पर आप अगले कैंडल के आधार पर स्टॉपलॉस लगा सकते हैं। अगर अगला कैंडल पिछले कैंडल के हाई को पार कर ले तोह आप सौदा काट सकते हैं।

  4. Umesh Maurya says:

    बहुत ही अच्छे तरह से समझाया गया हैं। https://www.digitalnewindia.com

  5. ABHIJIT GHODAKE says:

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