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Chapter 8

मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न (भाग 1)

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8.1 – एनगल्फिंग पैटर्न (The Engulfing Pattern)

सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न में एक ट्रेडर को केवल एक कैंडलस्टिक की जरूरत होती है जिसके आधार पर वह अपने लिए ट्रेडिंग के मौके ढूंढ सके, लेकिन मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेडर को अपने मौके तलाशने के लिए कभी-कभी दो या तीन कैंडलस्टिक को भी पहचानना पड़ता है। इसका मतलब यह हुआ कि ट्रेडर को मौके तलाशने के लिए 2 या 3 ट्रेडिंग सेशन यानी दो या तीन दिनों की ट्रेडिंग के पैटर्न को देखना पड़ता है। सबसे पहला मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न जिसको हम देखेंगे वह एनगल्फिंग पैटर्न। एनगल्फिंग पैटर्न को बनने में कम से कम 2 सेशन लगते हैं। इसमें पहले दिन आप एक छोटा कैंडलस्टिक देखेंगे और दूसरे दिन एक लंबा कैंडलस्टिक पैटर्न देखेंगे। ऐसा लगता है कि दूसरे दिन के कैंडलस्टिक ने पहले दिन के कैंडलस्टिक को ढका या घेरा हुआ है यानी एनगल्फ (engulf) किया हुआ है। अगर एनगल्फिंग पैटर्न किसी ट्रेंड के नीचे की तरफ बनता है तो इसको बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न कहते हैं और अगर एनगल्फिंग पैटर्न किसी ट्रेंड में ऊपर की तरफ बनता है तो इसको बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न कहते हैं।

8.2 – बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न (The Bullish Engulfing Pattern)

बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न 2 कैंडल वाला पैटर्न है जो कि किसी ट्रेंड के नीचे की तरफ बनता है। जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है यह एक बुलिश यानी तेजी वाला पैटर्न है और इसमें ट्रेडर को खरीद कर चलना चाहिए। नीचे के चार्ट में 2 दिनों वाले बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न को घेर कर दिखाया गया है। इस पैटर्न की खास बातें हैं

  1. इससे पहले का ट्रेन्ड नीचे की तरफ का होना चाहिए।
  2. पहले दिन (P1) का पैटर्न लाल कैंडल वाला होना चाहिए जिससे पता चलता है कि बाजार में मंदी का मूड है।
  3. दूसरे दिन (P2) का कैंडल एक नीला कैंडल होना चाहिए जो कि लाल कैंडल को पूरी तरीके से ढंक सके या एनगल्फ कर सके।

बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न के पीछे की सोच

  1. बाजार मंदी में है और कीमतें धीरे-धीरे नीचे जा रही हैं।
  2. पैटर्न के पहले दिन (P1) बाजार नीचे खुलता है और एक नया लो बनाता है, इससे एक लाल रंग का कैंडल बन जाता है।
  3. पैटर्न के दूसरे दिन (P2)  स्टॉक पहले दिन की क्लोजिंग कीमत के करीब खुलता है और एक नया लो बनाने की कोशिश करता है। लेकिन इस लो पर खरीद आ जाती है जो कि कीमत को पिछले दिन (P1) के ओपन से ऊपर ले जाकर बंद करती है, इसकी वजह से एक नीला कैंडल बन जाता है।
  4. दूसरे दिन (P2) की कीमत में आया बदलाव यह भी बताता है कि बुल्स बाजार में मजबूती के साथ आ गए हैं, उन्होंने कीमत ऊपर ले जाने और मंदी के ट्रेंड को तोड़ने के लिए काफी मेहनत की है और वो कीमत ऊपर ले जाने में सफल भी हुए हैं। इस वजह से नीला कैंडल लंबा बनता है।
  5. बेयर्स को यह उम्मीद नहीं थी कि बुल्स इस तरीके का कोई काम करेंगे और इसीलिए बुल्स के एक्शन से बेयर्स थोड़े से घबरा जाते हैं।
  6. तेजी का ये नया माहौल अगले कुछ दिनों की ट्रेडिंग तक जारी रहने की उम्मीद होती है जिसकी वजह से कीमतें ऊपर जाने की गुंजाइश दिखती है, ऐसे में, ट्रेडर को बाजार में खरीद के मौके तलाशने चाहिए।

बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न में ट्रेड सेटअप यानी सौदा ऐसे बनेगा: 

  1. बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न 2 दिनों में बनता है ।
  2. खरीद के लिए सुझाई गई कीमत ब्लू यानी नीली कैंडल (P2) की क्लोज कीमत के बराबर होगी।
    • रिस्क लेने को तैयार ट्रेडर अपना ट्रेड दूसरे दिन यानी P2  को शुरू करेगा जब उसे दिख जाएगा कि P2 का कैंडल P1 के कैंडल को एनगल्फ कर रहा है यानी ढंक रहा है।
    • रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपना ट्रेड अगले दिन यानी P2 के एक दिन बाद शुरू करेगा जब उसे दिख जाएगा कि वह दिन भी एक नीले रंग के कैंडल वाला दिन है।
    • अगर P2 के बाद वाला दिन लाल रंग के कैंडल का दिन होता है तो रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपना ट्रेड नहीं करेगा क्योंकि वह कैंडल स्टिक के नियम नंबर 1 “मजबूती में खरीदो और कमजोरी में बेचो” का पालन करेगा।
    • व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है कि मल्टीपल कैंडल स्टिक वाले पैटर्न जो 2 या उससे ज्यादा दिनों में बनते हैं उसमें रिस्क टेकर यानी रिस्क लेने वाला बनना ज्यादा फायदेमंद होता है रिस्क से बचने वाला नहीं।
  3. सौदे का स्टॉपलॉस वही होगा जो P1 और P2 दोनों का सबसे लो है ।

यहां यह याद रखिए कि आपको अपना ट्रेड यानी सौदा टारगेट या स्टॉप लॉस के आने तक बनाए रखना है। वैसे, फायदा बढ़ाने के लिए कभी-कभी स्टॉप लॉस को ट्रेल करना पड़ सकता है।

नीचे डीएलएफ (DLF) के चार्ट को देखिए जहां बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न को घेरकर दिखाया गया है।

यहाँ OHLC है:

P1 – ओपन = 163, हाई = 168, लो = 158.5, क्लोज = 160

P2- ओपन = 159.5, हाई = 170.2, लो = 159, क्लोज = 169

एनगल्फिंग पैटर्न में सौदा कैसा बनेगा? 

  1. रिस्क लेने वाला ट्रेडर P2 के दिन 169 पर खरीद करेगा लेकिन ऐसा करने के पहले वो देखेगा कि एनगल्फिंग पैटर्न बन रहा है इसको जांचने के लिए उसे देखना होगा कि दो शर्तें पूरी हों
  • P2 के दिन शाम 3:20 पर मौजूदा कीमत (CMP) पहले दिन (P1) की ओपन कीमत से ऊंची होनी चाहिए।
  • दूसरे दिन (P2) का ओपन पिछले दिन (P1) के क्लोज के बराबर या उससे नीचे होना चाहिए ।
  1. रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपना ट्रेड P2 के एक दिन बाद शुरू करेगा जब उसे दिख जाएगा कि वह भी एक नीले रंग की कैंडल वाला दिन है इसका मतलब यह है कि अगर P1 सोमवार को है तो रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपना सौदा बुधवार को 3:20 पर शुरू करेगा। हालांकि, मैं पहले भी कह चुका हूं कि मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न में ज्यादा बेहतर यह होगा कि आप अपना सौदा P2 को यानी पैटर्न बन के पूरा होने वाले दिन ही शुरू करें 
  2. सौदे का स्टॉपलॉस P1 और P2 के बीच का सबसे नीचा लो होगा, जैसे इस उदाहरण में सबसे नीचा लो P1 को 158.5 पर है।

इस उदाहरण में रिस्क लेने वाले और रिस्क से बचने वाले दोनों तरह के ट्रेडर को फायदा होगा।

एक उदाहरण देखते हैं, एक बहुत अच्छे बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न का, जो कि सिप्ला लिमिटेड के चार्ट पर बना है। रिस्क से बचने की कोशिश करने वाला ट्रेडर इस अच्छे मौके को पूरी तरह गंवा देगा।

इस बात को लेकर कई बार संदेह बना रहता है कि कैंडल को सिर्फ रियल बॉडी को पूरी तरीके से एनगल्फ करना या ढंकना चाहिए या फिर रियल बॉडी के साथ साथ लोअर और अपर शैडो को भी ढंकना चाहिए। मेरे निजी अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि कि अगर कैंडल से रियल बॉडी एनगल्फ हो गया है तो यह बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न है। हां यह सच है कि कैंडल स्टिक की किताबी परिभाषा मानने वाले मेरी इस राय से सहमत नहीं होंगे और आपत्ति भी करेंगे।  लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि आप कैसे अपनी कुशलता को बढ़ाते जाते हैं और किसी कैंडलस्टिक पैटर्न को देखकर अच्छा ट्रेड कर पाते हैं।

अपने इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए, मैं नीचे दिखाए गए चार्ट को भी एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न मान लूंगा हालांकि यहां पर शैडो पूरी तरीके से एनगल्फ या ढंक नहीं गए हैं।

8.3 – बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न (The Bearish Engulfing Pattern)

बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न दो कैंडलस्टिक वाला एक ऐसा पैटर्न है जो किसी ट्रेंड के ऊपर की तरफ बनता है जिसकी वजह से इसे बेयरिश माना जाता है। इसके पीछे की सोच एकदम वैसी ही होती है जैसी बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न की होती है अंतर सिर्फ एक होता है कि इसे शॉर्ट करने के मौके के तौर पर देखा जाता है।

नीचे दिखाए गए चार्ट को ध्यान से देखिए, यहां पर दो कैंडल एक बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न बना रहे हैं, इसको हम ने घेर कर दिखाया है।

यहां पर आपको दिखेगा कि :

  1. शुरुआत में बाजार पूरी तरीके से बुल्स के कब्जे में है और वह कीमतों को ऊपर ले जा रहे हैं।
  2. जैसे की उम्मीद थी बाजार ऊपर जा रहा है और एक नया हाई बनेगा जिससे यह तय हो जाएगा कि बाजार में तेजी का रुख है।
  3. दूसरे दिन (P2) को बाजार उम्मीद के मुताबिक ही, ऊपर खुलेगा और एक नया हाई बनाने की कोशिश करेगा। लेकिन इस हाई पर बाजार में बिकवाली आ जाएगी और बिक्री के इस दबाव से कीमतें नीचे आने लगेगी। अचानक आई बिकवाली से बुल्स का असर कुछ कम हो जाएगा।
  4. बिकवाल यानी बेचने वाले कीमतों को नीचे धकेलेंगे और इतना नीचे ले जाएंगे कि स्टॉक अपने पिछले दिन (P1) के ओपन से नीचे बंद हो। इससे बुल्स में थोड़ी सी घबराहट आ जाएगी। 
  5. P2 को अचानक आई तेज बिकवाली से पता चलता है कि बेयर्स ने बाजार पर से बुल्स का कब्जा तोड़ दिया है और ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि बाजार में अगले कुछ दिनों तक बिकवाली का दबाव बना रहेगा।
  6. ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि इंडेक्स या स्टॉक पर शॉर्ट किया जाए जिससे कीमत की गिरावट का फायदा उठाया जा सके।

अब सौदे इस तरह से होंगे

  1. बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न आपको शॉर्ट करने की सलाह देता है।
  2. रिस्क लेने वाला ट्रेडर उसी दिन ट्रेड शुरू करेगा बस उसे दो चीजें देखनी होंगी।
    • P2 का ओपन P1 के क्लोज से ऊपर होना चाहिए।
    • P2 के दिन 3:20 मिनट पर बाजार में कीमत P1 के ओपन कीमत से नीचे होनी चाहिए। अगर यह दोनों शर्तें पूरी होती हैं तो इसका मतलब है कि यह बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न है और इस सौदे में आगे बढ़ा जा सकता है। 
  3. रिस्क से बचने वाला ट्रेडर अपना सौदा P2 के एक दिन बाद करेगा जब उसे यह दिख जाए कि वो दिन भी एक लाल रंग के कैंडल वाला दिन है।
  4. क्योंकि बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न दो दिन में बनने वाला पैटर्न है इसलिए बेहतर यही है कि आप रिस्क लेने वाला बनें, लेकिन यह फैसला आपको खुद करना होगा।

अब आप नीचे अंबुजा सीमेंट के एक चार्ट पर नजर डालें। इसमें दो बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न बने हैं। पहला पैटर्न बाएं तरफ है जिसको घेरा गया है यह पैटर्न रिस्क लेने वाले के लिए काम नहीं कर रहा और रिस्क से बचने वाला तो यह सौदा करेगा ही नहीं। दूसरा बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न जो दाहिनी तरफ है वह दोनों दोनों तरीके के ट्रेडर के लिए फायदेमंद साबित होगा।

ऊपर के बेयरिश एनगल्फिंग (चार्ट के ऊपरी सिरे पर घेरा हुआ) पैटर्न के लिए OHLC  है: …

P1: ओपन – 214, हाई – 220, लो – 213.3, क्लोज – 218.75

P2:ओपन – 220, हाई – 221, लो – 207.3, क्लोज – 209.4

इस बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न के आधार पर शॉर्ट का ट्रेड ऐसे बनेगा…

  • रिस्क लेने वाला P2 के दिन 3:20 बजे 209 की कीमत पर शॉर्ट करेगा लेकिन वो पहले सुनिश्चित करेगा कि P1 और P2 मिल कर एक बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न बना रहे हैं।
  • रिस्क से बचने वाला, P2 के बाद वाले दिन यह सुनिश्चित करेगा कि वो दिन एक लाल कैंडल वाला दिन है और फिर अपना शार्ट ट्रेड करेगा। 
  • दोनों सौदों में स्टॉपलॉस P1 और P2 का उच्चतम स्तर होगा, जो इस मामले में 221 पर है।

रिस्क से बचने वाले और रिस्क लेने वाले दोनों को इस ट्रेड में फायदा होगा। 

8.4 – दोजी की मौजूदगी (The Presence of a Doji)

अब यहाँ एक बहुत ही दिलचस्प चार्ट है। अपने व्यक्तिगत अनुभव से मैं आपको बता सकता हूं कि नीचे दिखाए गए चार्ट जैसे चार्ट बहुत फायदा दिलाते हैं। ऐसे ट्रेड या सौदे को नहीं छोड़ना चाहिए।

चार्ट पर एक नज़र डालें, ऐसी कौन सी चीजें हैं जो आपका ध्यान आकर्षित करती हैं? 

  • ऊपर की तरफ की तेजी जिसको हाईलाइट किया गया है।
  • ऊपर की ओर यानी रैली के ऊपरी सिरे पर बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न
  • P2 के बाद के दिन एक दोजी का बनना

इस चार्ट में एक दोजी बनने का क्या असर होगा?

आइए इस चार्ट की घटनाओं को एक-एक कर के देखें: 

  1. चार्ट में लंबे समय की तेजी बताती है कि बाजार पर बुल्स का नियंत्रण है।
  2. P1 को एक नीला कैंडल बनता है, जो बताता है कि बुल्स नियंत्रण में हैं। 
  3. P2 को बाजार ऊपर खुलते हैं और एक नई ऊँचाई पर जाते हैं जिससे ये फिर साबित होता है कि बुल्स नियंत्रण में हैं। हालाँकि हाई पर बेचने का दबाव बनने लगता है और ये दबाव इतना हो जाता है कि कीमतें P1 की ओपन कीमतों से नीचे बंद हो जाती हैं।
  4. P2 को ट्रेडिंग में इस उठा-पटक से बुल्स को थोड़ी घबराहट होती है, लेकिन अभी तक उनका भरोसा टूटा नहीं है।
  5. तीसरे दिन पर, हम इसे P3 कहते हैं, हालांकि शुरुआत कमजोर होती है लेकिन यह P2 के क्लोज की तुलना में बहुत कम नहीं है। लेकिन बुल्स के लिए यह हालात सुकून देने वाल नहीं है, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि बाजार मजबूत होंगे। 
  6. P3 के दौरान बाजार ऊपर जाने की कोशिश करते हैं (दोजी के अपर शैडो) हालांकि ऊपर टिकते नहीं है। यहां तक ​​कि लो भी नहीं टिकते है और अंततः दिन एक दोजी के साथ फ्लैट बंद होता है। जैसा कि आप जानते हैं कि दोजी बाजार में अनिर्णय का संकेत देता है।
  7. P2 को बुल्स घबराए और P3 को बुल्स अनिश्चित थे।
  8. अनिश्चितता के साथ डर तबाही का सही नुस्खा है। जो दोजी के बाद लंबे लाल कैंडल से दिखता है।

ट्रेडिंग के अपने स्वयं के व्यक्तिगत अनुभव से मैं आपको बता सकता हूं कि जब भी कोई दोजी एक जाने पहचाने कैंडलस्टिक पैटर्न का अनुसरण करता है, तो वह एक अवसर बड़ा होता है। इस के अलावा, मैं आपका ध्यान चार्ट एनालिसिस के तरीके की ओर भी आकर्षित करना चाहता हूं। इस चार्ट में ध्यान दें, हमने सिर्फ P1 या P2 पर क्या हो रहा था, उस पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि उससे आगे देखने की कोशिश की है और इसके लिए दो अलग-अलग पैटर्नों को मिला दिया और पूरे बाजार पर एक नजरिया बनाने की कोशिश की है ।

8.5 – पियर्सिंग पैटर्न (The Piercing Pattern)

पियर्सिंग पैटर्न और बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न दोनों एक समान हैं, इनमें सिर्फ एक बहुत ही मामूली अंतर है। एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न में P2 का नीला कैंडल P1 के लाल कैंडल को पूरी तरह से ढंक लेता है। जबकि, एक पियर्सिंग पैटर्न में P2 का नीला कैंडल P1 के लाल कैंडल को सिर्फ आंशिक रूप से ही ढंकता है, हाँ ये ढंकना 50% से अधिक और 100% से कम होना चाहिए। आप इसे देख भी सकते हैं और इसकी गणना भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि P1 की रेंज (ओपन – क्लोज़) 12 है, तो P2 की रेंज कम से कम 6 या अधिक होनी चाहिए, लेकिन 12 से नीचे।

सिर्फ एक यह शर्त पूरी होनी चाहिए, इसके अलावा सब कुछ बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न जैसा ही होता है, यहाँ तक कि सौदे भी। यहां एक रिस्क लेने वाला P2 के क्लोज कीमत के आसपास अपना ट्रेड शुरू करेगा। रिस्क से बचने वाला P2 के बाद एक नीला कैंडल देखने के बाद ही अपना ट्रेड करेगा, और स्टॉपलॉस होगा इस पैटर्न का लो।

निम्नलिखित चार्ट पर एक नज़र डालें:

यहाँ P2 का नीला कैंडल P1 के लाल कैंडल को 50% से कुछ कम ढंकता है, इसलिए हम इसे एक पियर्सिंग पैटर्न नहीं मानते।

8.6 – डार्क क्लाउड कवर (The Dark Cloud Cover)

डार्क क्लाउड कवर का पैटर्न वैसे तो बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न के समान है लेकिन एक अंतर है। बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न में P2 का लाल कैंडल ने पूरी तरह से P1 के नीले कैंडल को ढंका हुआ है। जबकि डार्क क्लाउड कवर पैटर्न में, P2 की लाल कैंडल P1 के नीले कैंडल के लगभग 50 से 100% तक ही होती है। ट्रेड सेट अप यानी सौदा बिल्कुल वैसा ही बनेगा जैसा कि बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न में होता है। डार्क क्लाउड कवर को पियर्सिंग पैटर्न का उल्टा माना जा सकता है। 

8.7 – ट्रेड या सौदा चुनने पर एक दृष्टिकोण

आमतौर पर एक ही सेक्टर के शेयरों में एक जैसा ही मूवमेंट यानी एक जैसी चाल होती है। उदाहरण के लिए, TCS और इंफोसिस या ICICI बैंक और HDFC बैंक के बारे में सोचें। उनकी कीमत में बदलाव एक जैसा होता है क्योंकि ये कंपनियां कमोबेश समान आकार की हैं, समान व्यवसाय में हैं, और वो सब बाहरी कारण जो उनके धंधे को प्रभावित करते हैं, वो भी एक समान हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनके स्टॉक की कीमत हर कदम पर मेल खाएंगी। उदाहरण के लिए अगर बैंकिंग क्षेत्र में कोई बुरी खबर है, तो बैंकिंग शेयरों में गिरावट आ सकती है। ऐसे में अगर ICICI बैंक के शेयर की कीमत में 2% की गिरावट आती है, तो यह जरूरी नहीं है कि HDFC बैंक के शेयर की कीमत भी 2% गिर जाए। संभवतः HDFC बैंक के शेयर की कीमत में 1.5% या 2.5% की गिरावट हो सकती है। इसलिए दो स्टॉक एक ही समय में 2 अलग (लेकिन कुछ हद तक समान) कैंडलस्टिक पैटर्न जैसे बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न और डार्क क्लाउड कवर बना सकते हैं। 

ये दोनों जाने पहचाने कैंडलस्टिक पैटर्न हैं, लेकिन अगर मुझे अपने ट्रेड के लिए इन दो पैटर्न के बीच चयन करना हो तो मैं डार्क क्लाउड कवर के बजाय बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न पर अपना पैसा लगाऊंगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न में मंदी अधिक स्पष्ट तरीके से दिखती है (वह इसलिए क्योंकि यह पिछले दिन के पूरे कैंडल को ढंकता है)। इसी तरह मैं एक पियर्सिंग पैटर्न के मुकाबले एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न का चयन करूंगा। 

हालांकि मेरे चयन के इस पैमाने का एक अपवाद है। इस मॉड्यूल में आगे चल कर मैं 6 प्वाइ ट्रेडिंग चेकलिस्ट पेश करूँगा। एक ट्रेड को इस चेकलिस्ट पर कम से कम 3 से 4 बिंदुओं को पूरा करना चाहिए, तभी वो एक अच्छा ट्रेड माना जाएगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए, मान लें कि ऐसी स्थिति है जहां ICICI बैंक का स्टॉक एक पियर्सिंग पैटर्न बनाता है और HDFC बैंक स्टॉक एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न बनाता है। स्वाभाविक रूप से एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न का व्यापार करने के लिए बेहतर मौका माना जाएगा, लेकिन अगर HDFC बैंक स्टॉक 3 चेकलिस्ट बिंदुओं को संतुष्ट करता है, और ICICI बैंक स्टॉक 4 चेकलिस्ट बिंदुओं को पूरा करता है, तो मैं ICICI बैंक के स्टॉक के साथ आगे बढ़ूंगा, भले ही इसमें एक कम भरोसेमंद कैंडलस्टिक पैटर्न बना हो। । 

दूसरी ओर, यदि दोनों स्टॉक 4 चेकलिस्ट बिंदुओं को संतुष्ट करते हैं तो मैं HDFC बैंक वाले ट्रेड के साथ आगे बढ़ूंगा।


इस अध्याय की खास बातें

  1. मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न दो या दो से अधिक दिनों में बनते हैं। 
  2. बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न दो ट्रेडिंग दिनों में विकसित होता है। यह मंदी के ट्रेंड के निचले सिरे पर दिखाई देता है। पहले दिन को P1 और दूसरे दिन को P2 कहा जाता है। 
  3. एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न में, P1 एक लाल कैंडल वाला दिन है, और P2 एक नीले कैंडल वाला दिन। P2 का नीला कैंडल पूरी तरह से P1 के लाल कैंडल को ढंकता है। 
  4. एक रिस्क लेने वाला P2 को बाजार बंद होने के ठीक पहले खरीद का सौदा करेगा, ये देखने के बाद कि P1 और P2 मिल कर एक बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न बना रहे हैं। रिस्क से बचने वाला ट्रेडर P2 के बाद वाले दिन बाजार बंद होने के आसपास अपना ट्रेड करेगा।
  5. बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न के लिए स्टॉपलॉस P1 और P2 के बीच सबसे नीचे का लो होगा।
  6. बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न एक तेजी के ट्रेंड के ऊपरी छोर पर दिखाई देता है। P1 का नीला कैंडल P2 के लाल कैंडल पूरी तरह से ढंका या घिरा हुआ दिखता है। 
  7. एक रिस्क लेने वाला P2 को बाजार बंद होने के समय अपना शॉर्ट का सौदा करेगा लेकिन पहले ये देखने के बाद कि P1 और P2 एक बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न बना रहे हैं। रिस्क से बचने वाला ट्रेडर P2 के बाद के दिन ट्रेड की शुरुआत करेगा, ये पुष्टि करने के बाद कि वो एक लाल कैंडल वाला दिन है। 
  8. P1 और P2 का सबसे ऊँचा हाई बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न के लिए स्टॉपलॉस बनता है।
  9. एक एनगल्फिंग पैटर्न के बाद दोजी का बनना पैटर्न को और बल देता है। 
  10. पियर्सिंग पैटर्न और बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न एक जैसे काम करते हैं, सिवाय इसके कि P2 का लाल कैंडल P1 के नीले कैंडल को 50% से 100% के बीच ढक सके।। 

 

19 comments

  1. Karan boldra says:

    मल्टीपल कैंडलस्टिक पैटर्न दो या दो से अधिक दिनों में बनते
    Sir agar 1 hours ki candlestick rakhe toh kya ek din me multiple candlesticks nhi banega kya yeah fir wo jayada reliable nhi hoge

    • Mohit Mehra says:

      Hi करण,

      मल्टीप्ल कैंडलस्टिक पैटर्न एक घंटे की कैंडलस्टिक में भी बन सकते हैं मगर वह थोड़े कम विश्वसनीय या रिलाएबल होंगे।

  2. Dipak pundir says:

    Sir aapki strategy toh samaj me aarhi h pr ye sari strategy kis trading k liye batayi gyi h. F&O k liye, ya cash k liye ya fir intraday k liye.

    • Mohit Mehra says:

      Hi दीपक, यह पैटर्न्स आपके काम किसी भी टाईमलाईन में आ सकते हैं। आप इनका प्रयोग कायष, इंट्राडे या फ्यूचर्स में कर सकते हैं।

  3. Aaditya says:

    Sir,in example number 8.2 m hammer k torr p bhi toh le skte hai ki nhi?
    agr hm downktrend ki baat kre toh downtrend kitni candle ko niche girta hua dekh maana ja skta hai?

  4. VINOD RAWAT says:

    सर, बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न में STBT तो ले ही नही सकते, फिर सौदा के प्रयोग किसमें करेंगे। अगर एक्सपायरी के अंतिम दो दिन में यह दिखे तो ऑपशन और फ्यूचर भी नही ले पाएंगे।

  5. Ramesh says:

    Sir,
    Federal Bank (NSC) 3 April 2020 CMP=39.90
    12 march 2020, P1 – ओपन = 68.00, हाई = 68.45, लो = 62.45, क्लोज = 63.10
    13 march, P2- ओपन = 56.60, हाई = 69.25, लो = 53.65, क्लोज = 68.65
    Bullish Engulfing Pattern Bana tha phirbhi Stock niche jane ki wajah kya hai?

  6. akpoddar91 says:

    पियर्सिंग पैटर्न और बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न एक जैसे काम करते हैं, सिवाय इसके कि P2 का लाल कैंडल P1 के नीले कैंडल को 50% से 100% के बीच ढक सके।।

    kindly correct it p2 red ko correct kr p2 blue hona chaiyae

  7. Khushal joshi says:

    Hii sir ,if you have any course related to share market I want to join I read all post which are mention in zerodha it was awesome and great to understand plz reply aur tell m….. thanku

    • Kulsum Khan says:

      Hi Khushal, We have this Varsity both on web and as a mobile application, make sure to download the app, and start from module 1 to learn tock markets from scratch.

  8. Rakesh Vasoya says:

    sir ye checklist bindu kya hai, thoda vistar se samjaiye sir.

    • Kulsum Khan says:

      इस मॉड्यूल के बाकि के अध्यायों में उसको विस्तार से समझाया गया है कृपया बाकि के अध्याय भी पढ़ेँ।

  9. Rakesh Vasoya says:

    thank you sir

  10. Imean ahmed says:

    Sir 15 mint k chat mai kitni cendel banti hai or 30 mint mai plz hlp

    • Kulsum Khan says:

      जितना प्राइस मूवमेंट होता है उतनी कैंडल्स बनती हैं।

  11. Anil kesarwani says:

    Is addhay ki khass bate me point no. 10 me p1 aur p2 ka colour galat lag raha hai

    • Kulsum Khan says:

      सूचित करने के लिए धन्यवाद हम इसको सही करदेंगे।

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